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सुनन अबू दाऊद

नंबर 4814

नंबर 4814किताब 43, नंबर 42
حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ الْجَرَّاحِ، حَدَّثَنَا جَرِيرٌ، عَنِ الأَعْمَشِ، عَنْ أَبِي سُفْيَانَ، عَنْ جَابِرٍ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ مَنْ أَبْلَى بَلاَءً فَذَكَرَهُ فَقَدْ شَكَرَهُ وَإِنْ كَتَمَهُ فَقَدْ كَفَرَهُ ‏"‏ ‏.‏
Narrated Jabir ibn Abdullah: The Prophet (ﷺ) said: If someone is donated something, and he mentions it, he thanks for it, and if he conceals it, he is ungrateful for it
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 43 · General Behavior (Kitab Al-Adab)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।