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सुनन अबू दाऊद

नंबर 4801

नंबर 4801किताब 43, नंबर 29
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرٍ، وَعُثْمَانُ، ابْنَا أَبِي شَيْبَةَ قَالاَ حَدَّثَنَا وَكِيعٌ، عَنْ سُفْيَانَ، عَنْ مَعْبَدِ بْنِ خَالِدٍ، عَنْ حَارِثَةَ بْنِ وَهْبٍ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ لاَ يَدْخُلُ الْجَنَّةَ الْجَوَّاظُ وَلاَ الْجَعْظَرِيُّ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ وَالْجَوَّاظُ الْغَلِيظُ الْفَظُّ ‏.‏
Harithah b. Wahab reported the Messenger of Allah (ﷺ) as saying :neither the Jawwaz nor the Jazari will enter paradise. He said that the Jawwaz is the one who is coarse and uncivil
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 43 · General Behavior (Kitab Al-Adab)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।