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सुनन अबू दाऊद

नंबर 4793

नंबर 4793किताब 43, नंबर 21
حَدَّثَنَا عَبَّاسٌ الْعَنْبَرِيُّ، حَدَّثَنَا أَسْوَدُ بْنُ عَامِرٍ، حَدَّثَنَا شَرِيكٌ، عَنِ الأَعْمَشِ، عَنْ مُجَاهِدٍ، عَنْ عَائِشَةَ، فِي هَذِهِ الْقِصَّةِ قَالَتْ فَقَالَ تَعْنِي النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ يَا عَائِشَةُ إِنَّ مِنْ شِرَارِ النَّاسِ الَّذِينَ يُكْرَمُونَ اتِّقَاءَ أَلْسِنَتِهِمْ ‏"‏ ‏.‏
The tradition mentioned above has been transmitted by `A’isha through a different chain of narrators. This version has:the Prophet (ﷺ) said: `A’isha! There are some bad people who are respected for fear of their tongues
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Daif IsnaadAl-Albani
  • Daif IsnaadMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 43 · General Behavior (Kitab Al-Adab)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।