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सुनन अबू दाऊद

नंबर 4787

नंबर 4787किताब 43, नंबर 15
حَدَّثَنَا يَعْقُوبُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ الطُّفَاوِيُّ، عَنْ هِشَامِ بْنِ عُرْوَةَ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ، - يَعْنِي ابْنَ الزُّبَيْرِ - فِي قَوْلِهِ ‏{‏ خُذِ الْعَفْوَ ‏}‏ قَالَ أُمِرَ نَبِيُّ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم أَنْ يَأْخُذَ الْعَفْوَ مِنْ أَخْلاَقِ النَّاسِ ‏.‏
Explaining the Qur’anic verse “Hold to forgiveness”, `Abd Allah b. Al-Zubair said:The Prophet of Allah (ﷺ) was commanded to hold to forgiveness from the conduct of the people
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Sahih Bukhari (4644)Zubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 43 · General Behavior (Kitab Al-Adab)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।