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सुनन अबू दाऊद

नंबर 4761

नंबर 4761किताब 42, नंबर 166
حَدَّثَنَا ابْنُ بَشَّارٍ، حَدَّثَنَا مُعَاذُ بْنُ هِشَامٍ، قَالَ حَدَّثَنِي أَبِي، عَنْ قَتَادَةَ، قَالَ حَدَّثَنَا الْحَسَنُ، عَنْ ضَبَّةَ بْنِ مِحْصَنٍ الْعَنَزِيِّ، عَنْ أُمِّ سَلَمَةَ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم بِمَعْنَاهُ قَالَ ‏:‏ ‏ "‏ فَمَنْ كَرِهَ فَقَدْ بَرِئَ، وَمَنْ أَنْكَرَ فَقَدْ سَلِمَ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ قَتَادَةُ ‏:‏ يَعْنِي مَنْ أَنْكَرَ بِقَلْبِهِ، وَمَنْ كَرِهَ بِقَلْبِهِ ‏.‏
The tradition mentioned above has also been transmitted by Umm Salamah through a different chain of narrators to the same effect. This version has :He who disapproves is guiltless, and he who disapproves is safe. Qatadah said : it means one who feels its disapproval in his heart, and one who expresses disapproval in his heart
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 42 · Model Behavior of the Prophet (Kitab Al-Sunnah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।