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सुनन अबू दाऊद

नंबर 4710

नंबर 4710किताब 42, नंबर 115
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ حَنْبَلٍ، حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ يَزِيدَ الْمُقْرِئُ أَبُو عَبْدِ الرَّحْمَنِ، قَالَ حَدَّثَنِي سَعِيدُ بْنُ أَبِي أَيُّوبَ، قَالَ حَدَّثَنِي عَطَاءُ بْنُ دِينَارٍ، عَنْ حَكِيمِ بْنِ شَرِيكٍ الْهُذَلِيِّ، عَنْ يَحْيَى بْنِ مَيْمُونٍ الْحَضْرَمِيِّ، عَنْ رَبِيعَةَ الْجُرَشِيِّ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، عَنْ عُمَرَ بْنِ الْخَطَّابِ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ لاَ تُجَالِسُوا أَهْلَ الْقَدَرِ وَلاَ تُفَاتِحُوهُمْ ‏"‏ ‏.‏
‘Umar reported the Prophet (May peace be upon him) was asked :Do not sit which those who believe in free will and do not address them before they address you
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 42 · Model Behavior of the Prophet (Kitab Al-Sunnah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।