सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन अबू दाऊद

नंबर 4706

नंबर 4706किताब 42, नंबर 111
حَدَّثَنَا مَحْمُودُ بْنُ خَالِدٍ، حَدَّثَنَا الْفِرْيَابِيُّ، عَنْ إِسْرَائِيلَ، حَدَّثَنَا أَبُو إِسْحَاقَ، عَنْ سَعِيدِ بْنِ جُبَيْرٍ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، قَالَ حَدَّثَنَا أُبَىُّ بْنُ كَعْبٍ، قَالَ سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَقُولُ فِي قَوْلِهِ ‏{‏ وَأَمَّا الْغُلاَمُ فَكَانَ أَبَوَاهُ مُؤْمِنَيْنِ ‏}‏ ‏"‏ وَكَانَ طُبِعَ يَوْمَ طُبِعَ كَافِرًا ‏"‏ ‏.‏
Ubayy b. Ka’b said :I heard the Messenger of Allah (May peace be upon him) explaining the verse “As for the youth his parents were people of Faith,” he was created infidel the day when he was created
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 42 · Model Behavior of the Prophet (Kitab Al-Sunnah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।