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सुनन अबू दाऊद

नंबर 4684

नंबर 4684किताब 42, नंबर 89
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عُبَيْدٍ، حَدَّثَنَا ابْنُ ثَوْرٍ، عَنْ مَعْمَرٍ، قَالَ وَقَالَ الزُّهْرِيُّ ‏{‏ قُلْ لَمْ تُؤْمِنُوا وَلَكِنْ قُولُوا أَسْلَمْنَا ‏}‏ قَالَ نَرَى أَنَّ الإِسْلاَمَ الْكَلِمَةُ وَالإِيمَانَ الْعَمَلُ ‏.‏
Explaining the verse, “say ; You have no faith, but you only say :We have submitted our wills to Allah”, Al-Zuhri said : We think that ISLAM is a word, and faith is an action
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih Isnaad MaqtuAl-Albani
  • Sahih Isnaad MaqtuMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • MaqtuShuaib Al Arnaut
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 42 · Model Behavior of the Prophet (Kitab Al-Sunnah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।