حَدَّثَنَا زِيَادُ بْنُ أَيُّوبَ، حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ إِدْرِيسَ، عَنْ مُخْتَارِ بْنِ فُلْفُلٍ، يَذْكُرُ عَنْ أَنَسٍ، قَالَ قَالَ رَجُلٌ لِرَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَا خَيْرَ الْبَرِيَّةِ . فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم " ذَاكَ إِبْرَاهِيمُ " .
Anas said:A man said to the Messenger of Allah (May peace be upon him): O best of all creatures! The Messenger of Allah (May peace be upon him) said : That was Abraham (peace be upon him)
स्रोत में दर्ज दर्जे
SahihAl-Albani
SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
Sahih Muslim (2369)Zubair Ali Zai
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।