सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन अबू दाऊद

नंबर 4647

नंबर 4647किताब 42, नंबर 52
حَدَّثَنَا عَمْرُو بْنُ عَوْنٍ، حَدَّثَنَا هُشَيْمٌ، عَنِ الْعَوَّامِ بْنِ حَوْشَبٍ، عَنْ سَعِيدِ بْنِ جُمْهَانَ، عَنْ سَفِينَةَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ خِلاَفَةُ النُّبُوَّةِ ثَلاَثُونَ سَنَةً ثُمَّ يُؤْتِي اللَّهُ الْمُلْكَ مَنْ يَشَاءُ - أَوْ مُلْكَهُ مَنْ يَشَاءُ - ‏"‏ ‏.‏
Safinah reported the Messenger of Allah (ﷺ) as saying:The caliphate of Prophecy will last thirty years; then Allah will give the Kingdom to whom he wishes; or his kingdom to whom he wishes
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Hasan SahihAl-Albani
  • Hasan SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • HasanShuaib Al Arnaut
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 42 · Model Behavior of the Prophet (Kitab Al-Sunnah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।