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सुनन अबू दाऊद

नंबर 4638

नंबर 4638किताब 42, नंबर 43
حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ سَهْلٍ الرَّمْلِيُّ، حَدَّثَنَا الْوَلِيدُ، حَدَّثَنَا سَعِيدُ بْنُ عَبْدِ الْعَزِيزِ، عَنْ مَكْحُولٍ، قَالَ لَتَمْخُرَنَّ الرُّومُ الشَّامَ أَرْبَعِينَ صَبَاحًا لاَ يَمْتَنِعُ مِنْهَا إِلاَّ دِمَشْقُ وَعَمَّانُ ‏.‏
Makhul said:The Romans will enter the Levant and stay there for forty days, and no place will be saved from them but Damascus and 'Uman
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Daif Isnaad MaqtuAl-Albani
  • Daif Isnaad MaqtuMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Sahih MaqtuShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 42 · Model Behavior of the Prophet (Kitab Al-Sunnah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।