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सुनन अबू दाऊद

नंबर 4594

नंबर 4594किताब 41, नंबर 101
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُتَوَكِّلِ الْعَسْقَلاَنِيُّ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّزَّاقِ، ح وَحَدَّثَنَا جَعْفَرُ بْنُ مُسَافِرٍ التِّنِّيسِيُّ، حَدَّثَنَا زَيْدُ بْنُ الْمُبَارَكِ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الْمَلِكِ الصَّنْعَانِيُّ، كِلاَهُمَا عَنْ مَعْمَرٍ، عَنْ هَمَّامِ بْنِ مُنَبِّهٍ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ النَّارُ جُبَارٌ ‏"‏ ‏.‏
Narrated AbuHurayrah: The Prophet (ﷺ) said: No recompense may be demanded if the fire spreads
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 41 · Types of Blood-Wit (Kitab Al-Diyat)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।