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सुनन अबू दाऊद

नंबर 4571

नंबर 4571किताब 41, नंबर 78
حَدَّثَنَا مُوسَى بْنُ إِسْمَاعِيلَ، حَدَّثَنَا وُهَيْبٌ، عَنَ هِشَامٍ، عَنْ أَبِيهِ، عَنِ الْمُغِيرَةِ، عَنْ عُمَرَ، بِمَعْنَاهُ ‏.‏ قَالَ أَبُو دَاوُدَ رَوَاهُ حَمَّادُ بْنُ زَيْدٍ وَحَمَّادُ بْنُ سَلَمَةَ عَنْ هِشَامِ بْنِ عُرْوَةَ، عَنْ أَبِيهِ، أَنَّ عُمَرَ، قَالَ ‏.‏
The tradition mentioned above has also been transmitted by 'Umar through a different chain of narrators to the same effect. Abu Dawud said:Hammad b. Zaid and Hammad b. Salamah transmitted it from Hisham b. 'Arubah on his father's authority who said that 'Umar said
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Sahih Bukhari (6905)Zubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 41 · Types of Blood-Wit (Kitab Al-Diyat)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।