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सुनन अबू दाऊद

नंबर 4550

नंबर 4550किताब 41, नंबर 57
حَدَّثَنَا النُّفَيْلِيُّ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنِ ابْنِ أَبِي نَجِيحٍ، عَنْ مُجَاهِدٍ، قَالَ قَضَى عُمَرُ فِي شِبْهِ الْعَمْدِ ثَلاَثِينَ حِقَّةً وَثَلاَثِينَ جَذَعَةً وَأَرْبَعِينَ خَلِفَةً مَا بَيْنَ ثَنِيَّةٍ إِلَى بَازِلِ عَامِهَا ‏.‏
Narrated Mujahid:'Umar gave judgement that bloodwit for quasi-intentional murder should be thirty she-camels in their fourth year, thirty she-camels in their fifth year, and forty pregnant she-camels in their sixth year up to the ninth
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Daif IsnaadAl-Albani
  • Daif IsnaadMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 41 · Types of Blood-Wit (Kitab Al-Diyat)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।