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सुनन अबू दाऊद

नंबर 4517

नंबर 4517किताब 41, नंबर 24
حَدَّثَنَا الْحَسَنُ بْنُ عَلِيٍّ، حَدَّثَنَا سَعِيدُ بْنُ عَامِرٍ، عَنِ ابْنِ أَبِي عَرُوبَةَ، عَنْ قَتَادَةَ، بِإِسْنَادِ شُعْبَةَ مِثْلَهُ زَادَ ثُمَّ إِنَّ الْحَسَنَ نَسِيَ هَذَا الْحَدِيثَ فَكَانَ يَقُولُ ‏ "‏ لاَ يُقْتَلُ حُرٌّ بِعَبْدٍ ‏"‏ ‏.‏
Qatadah transmitted the tradition mentioned above through a chain of narrators like that of Shu'bah. This version adds:Then al-Hasan forgot this tradition, and he used to say: A free man is not to be killed for a slave
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih MaqtuAl-Albani
  • Sahih MaqtuMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 41 · Types of Blood-Wit (Kitab Al-Diyat)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।