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सुनन अबू दाऊद

नंबर 4515

नंबर 4515किताब 41, नंबर 22
حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ الْجَعْدِ، حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، ح وَحَدَّثَنَا مُوسَى بْنُ إِسْمَاعِيلَ، حَدَّثَنَا حَمَّادٌ، عَنْ قَتَادَةَ، عَنِ الْحَسَنِ، عَنْ سَمُرَةَ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ مَنْ قَتَلَ عَبْدَهُ قَتَلْنَاهُ وَمَنْ جَدَعَ عَبْدَهُ جَدَعْنَاهُ ‏"‏ ‏.‏
Narrated Samurah: The Prophet (ﷺ) Said: If anyone kills his slave, we shall kill him, and if anyone cuts off the nose of his slave, we shall cut off his nose
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifShuaib Al Arnaut

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 41 · Types of Blood-Wit (Kitab Al-Diyat)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।