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सुनन अबू दाऊद

नंबर 4474

नंबर 4474किताब 40, नंबर 124
حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ الثَّقَفِيُّ، وَمَالِكُ بْنُ عَبْدِ الْوَاحِدِ الْمِسْمَعِيُّ، - وَهَذَا حَدِيثُهُ - أَنَّ ابْنَ أَبِي عَدِيٍّ، حَدَّثَهُمْ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ إِسْحَاقَ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِي بَكْرٍ، عَنْ عَمْرَةَ، عَنْ عَائِشَةَ، رضى الله عنها قَالَتْ لَمَّا نَزَلَ عُذْرِي قَامَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم عَلَى الْمِنْبَرِ فَذَكَرَ ذَاكَ وَتَلاَ - تَعْنِي الْقُرْآنَ - فَلَمَّا نَزَلَ مِنَ الْمِنْبَرِ أَمَرَ بِالرَّجُلَيْنِ وَالْمَرْأَةِ فَضُرِبُوا حَدَّهُمْ ‏.‏
आइशा -रज़ियल्लाहु अन्हा- से वर्णित है, वह कहती हैं : “जब मेरी बराअत (बेगुनाही एवं सतीत्व) से संबंधित आयत उतरी, तो नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- मिंबर पर खड़े हुए तथा इस मामले का उल्लेख किया और कु़रआन का पाठ किया। फिर जब मिंबर से उतरे तो दो पुरुष तथा एक महिला के संबंध में आदेश दिया कि (उन्हें झूठा इल्ज़ाम लगाने का दंड जाए) अतः उनपर हद जारी की गई।”

तर्जुमा: HadeethEnc.comइसकी तशरीह

स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanAl-Albani
  • HasanMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • HasanShuaib Al Arnaut
  • HasanZubair Ali Zai

जहाँ तर्जुमा शुदा नबवी हदीसों के इनसाइक्लोपीडिया (HadeethEnc.com) में किसी रिवायत का हूबहू टेक्स्ट मौजूद है, वहाँ उसका तर्जुमा उसी रिवायत के नीचे स्रोत के नाम के साथ दिखाया गया है। दोनों को प्रोग्राम के ज़रिए, सिर्फ़ अरबी टेक्स्ट की बुनियाद पर जोड़ा गया है: इनसाइक्लोपीडिया की हदीस का पूरा टेक्स्ट, उसमें दर्ज सहाबी के नाम समेत, रिवायत का आख़िरी हिस्सा है, हर्फ़-ब-हर्फ़। इस जोड़ को किसी ने नहीं जाँचा है, और सबील के जायज़ाकारों ने तर्जुमे की जाँच नहीं की है। असल टेक्स्ट अरबी है।

किताब 40 · Prescribed Punishments (Kitab Al-Hudud)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।