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सुनन अबू दाऊद

नंबर 4459

नंबर 4459किताब 40, नंबर 109
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ جَعْفَرٍ، عَنْ شُعْبَةَ، عَنْ أَبِي بِشْرٍ، عَنْ خَالِدِ بْنِ عُرْفُطَةَ، عَنْ حَبِيبِ بْنِ سَالِمٍ، عَنِ النُّعْمَانِ بْنِ بَشِيرٍ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم فِي الرَّجُلِ يَأْتِي جَارِيَةَ امْرَأَتِهِ قَالَ ‏ "‏ إِنْ كَانَتْ أَحَلَّتْهَا لَهُ جُلِدَ مِائَةً وَإِنْ لَمْ تَكُنْ أَحَلَّتْهَا لَهُ رَجَمْتُهُ ‏"‏ ‏.‏
Narrated An-Nu'man ibn Bashir: The Prophet (ﷺ) said: about a man who had (unlawful) intercourse with his wife's slave girl: If she made her lawful for him, he will be flogged one hundred lashes; if she did not make her lawful for him, I shall stone him
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 40 · Prescribed Punishments (Kitab Al-Hudud)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।