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सुनन अबू दाऊद

नंबर 4455

नंबर 4455किताब 40, नंबर 105
حَدَّثَنَا إِبْرَاهِيمُ بْنُ حَسَنٍ الْمِصِّيصِيُّ، حَدَّثَنَا حَجَّاجُ بْنُ مُحَمَّدٍ، قَالَ حَدَّثَنَا ابْنُ جُرَيْجٍ، أَنَّهُ سَمِعَ أَبَا الزُّبَيْرِ، سَمِعَ جَابِرَ بْنَ عَبْدِ اللَّهِ، يَقُولُ رَجَمَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم رَجُلاً مِنَ الْيَهُودِ وَامْرَأَةً زَنَيَا ‏.‏
Jabir bin ‘Abd Allah said:The Prophet (ﷺ) had a man and a woman of the Jews who had committed fornication stoned to death
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Sahih Muslim (1701)Zubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 40 · Prescribed Punishments (Kitab Al-Hudud)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।