सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन अबू दाऊद

नंबर 4444

नंबर 4444किताब 40, नंबर 94
قَالَ أَبُو دَاوُدَ حُدِّثْتُ عَنْ عَبْدِ الصَّمَدِ بْنِ عَبْدِ الْوَارِثِ، قَالَ حَدَّثَنَا زَكَرِيَّا بْنُ سُلَيْمٍ، بِإِسْنَادِهِ نَحْوَهُ زَادَ ثُمَّ رَمَاهَا بِحَصَاةٍ مِثْلَ الْحُمُّصَةِ ثُمَّ قَالَ ‏ "‏ ارْمُوا وَاتَّقُوا الْوَجْهَ ‏"‏ ‏.‏ فَلَمَّا طَفِئَتْ أَخْرَجَهَا فَصَلَّى عَلَيْهَا وَقَالَ فِي التَّوْبَةِ نَحْوَ حَدِيثِ بُرَيْدَةَ ‏.‏
Abu Dawud said:A similar tradition has been transmitted by Zakariya b. Salim through a different chain of narrators. This version adds: He (the Prophet) then threw a pebble like a gram at her. He then said: Throw at her and avoid her face. When se died, he took her out and prayed over her. About repentance he said similar to the tradition on Buraidah
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Daif IsnaadAl-Albani
  • Daif IsnaadMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 40 · Prescribed Punishments (Kitab Al-Hudud)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।