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सुनन अबू दाऊद

नंबर 4416

नंबर 4416किताब 40, नंबर 66
حَدَّثَنَا وَهْبُ بْنُ بَقِيَّةَ، وَمُحَمَّدُ بْنُ الصَّبَّاحِ بْنِ سُفْيَانَ، قَالاَ حَدَّثَنَا هُشَيْمٌ، عَنْ مَنْصُورٍ، عَنِ الْحَسَنِ، بِإِسْنَادِ يَحْيَى وَمَعْنَاهُ قَالاَ ‏ "‏ جَلْدُ مِائَةٍ وَالرَّجْمُ ‏"‏ ‏.‏
A similar tradition has been transmitted by al-Hasan through a chain of Yahya and to the same effect. This version adds:They shall receive a hundred lashes and toned to death
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Sahih Muslim (1690)Zubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 40 · Prescribed Punishments (Kitab Al-Hudud)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।