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सुनन अबू दाऊद

नंबर 4414

नंबर 4414किताब 40, नंबर 64
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ مُحَمَّدِ بْنِ ثَابِتٍ، حَدَّثَنَا مُوسَى، - يَعْنِي ابْنَ مَسْعُودٍ - عَنْ شِبْلٍ، عَنِ ابْنِ أَبِي نَجِيحٍ، عَنْ مُجَاهِدٍ، قَالَ السَّبِيلُ الْحَدُّ قَالَ سُفْيَانُ ‏{‏ فَآذُوهُمَا ‏}‏ الْبِكْرَانِ ‏{‏ فَأَمْسِكُوهُنَّ فِي الْبُيُوتِ ‏}‏ الثَّيِّبَاتِ ‏.‏
Mujahid said:“Apponting a way in the verse (iv.15) means prescribed punishment. Sufiyan said: “Punish them “refers to unmarried, and “confine them to houses” refers to the women who are married
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Hasan MaqtuAl-Albani
  • Hasan MaqtuMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 40 · Prescribed Punishments (Kitab Al-Hudud)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।