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सुनन अबू दाऊद

नंबर 4377

नंबर 4377किताब 40, नंबर 27
حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ، حَدَّثَنَا يَحْيَى، عَنْ سُفْيَانَ، عَنْ زَيْدِ بْنِ أَسْلَمَ، عَنْ يَزِيدَ بْنِ نُعَيْمٍ، عَنْ أَبِيهِ، أَنَّ مَاعِزًا، أَتَى النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم فَأَقَرَّ عِنْدَهُ أَرْبَعَ مَرَّاتٍ فَأَمَرَ بِرَجْمِهِ وَقَالَ لِهَزَّالٍ ‏ "‏ لَوْ سَتَرْتَهُ بِثَوْبِكَ كَانَ خَيْرًا لَكَ ‏"‏ ‏.‏
Narrated Nu'aym: Ma'iz came to the Prophet (ﷺ) and admitted (having committed adultery) four times in his presence so he ordered him to be stoned to death, but said to Huzzal: If you had covered him with your garment, it would have been better for you
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 40 · Prescribed Punishments (Kitab Al-Hudud)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।