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सुनन अबू दाऊद

नंबर 4365

नंबर 4365किताब 40, नंबर 15
حَدَّثَنَا مُوسَى بْنُ إِسْمَاعِيلَ، حَدَّثَنَا وُهَيْبٌ، عَنْ أَيُّوبَ، بِإِسْنَادِهِ بِهَذَا الْحَدِيثِ قَالَ فِيهِ فَأَمَرَ بِمَسَامِيرَ فَأُحْمِيَتْ فَكَحَلَهُمْ وَقَطَّعَ أَيْدِيَهُمْ وَأَرْجُلَهُمْ وَمَا حَسَمَهُمْ ‏.‏
The tradition mentioned above has also been transmitted by the narrator Ayyub through different chain. This version has :So he (the prophet) order nails to be heated and had them blinded with them, and he had their hands and feet cut off, and did not cauterise them to stop the flow of blood
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 40 · Prescribed Punishments (Kitab Al-Hudud)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।