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सुनन अबू दाऊद

नंबर 1247

नंबर 1247किताब 4, नंबर 50
حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ، وَسَعِيدُ بْنُ مَنْصُورٍ، قَالاَ حَدَّثَنَا أَبُو عَوَانَةَ، عَنْ بُكَيْرِ بْنِ الأَخْنَسِ، عَنْ مُجَاهِدٍ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، قَالَ فَرَضَ اللَّهُ تَعَالَى الصَّلاَةَ عَلَى لِسَانِ نَبِيِّكُمْ صلى الله عليه وسلم فِي الْحَضَرِ أَرْبَعًا وَفِي السَّفَرِ رَكْعَتَيْنِ وَفِي الْخَوْفِ رَكْعَةً ‏.‏
Narrated Ibn 'Abbas:Allah, the Exalted, prescribed prayer for you, through the tongue of your Prophet (ﷺ), four rak'ahs while resident, two rak'ahs while travelling and one rak'ah in time of danger
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih Muslim (687)Zubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 4 · Prayer (Kitab Al-Salat): Detailed Rules of Law about the Prayer during Journey

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।