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सुनन अबू दाऊद

नंबर 1200

नंबर 1200किताब 4, नंबर 3
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ حَنْبَلٍ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّزَّاقِ، وَمُحَمَّدُ بْنُ بَكْرٍ، قَالاَ أَخْبَرَنَا ابْنُ جُرَيْجٍ، سَمِعْتُ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ أَبِي عَمَّارٍ، يُحَدِّثُ فَذَكَرَهُ نَحْوَهُ ‏.‏ قَالَ أَبُو دَاوُدَ رَوَاهُ أَبُو عَاصِمٍ وَحَمَّادُ بْنُ مَسْعَدَةَ كَمَا رَوَاهُ ابْنُ بَكْرٍ ‏.‏
The above mentioned tradition has also been narrated through a different chain of transmitters by 'Abd Allah b. Abi 'Ammar who narrated it in like manner. Abu Dawud said:This has been transmitted by Abu 'Asim and Hammad b. Mas'adah as transmitted by Ibn Bakr
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 4 · Prayer (Kitab Al-Salat): Detailed Rules of Law about the Prayer during Journey

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।