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सुनन अबू दाऊद

नंबर 4344

नंबर 4344किताब 39, नंबर 54
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبَادَةَ الْوَاسِطِيُّ، حَدَّثَنَا يَزِيدُ، - يَعْنِي ابْنَ هَارُونَ - أَخْبَرَنَا إِسْرَائِيلُ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ جُحَادَةَ، عَنْ عَطِيَّةَ الْعَوْفِيِّ، عَنْ أَبِي سَعِيدٍ الْخُدْرِيِّ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏"‏ أَفْضَلُ الْجِهَادِ كَلِمَةُ عَدْلٍ عِنْدَ سُلْطَانٍ جَائِرٍ ‏"‏ ‏.‏ أَوْ ‏"‏ أَمِيرٍ جَائِرٍ ‏"‏ ‏.‏
Narrated AbuSa'id al-Khudri: The Prophet (ﷺ) said: The best fighting (jihad) in the path of Allah is (to speak) a word of justice to an oppressive ruler
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 39 · Battles (Kitab Al-Malahim)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।