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सुनन अबू दाऊद

नंबर 4319

नंबर 4319किताब 39, नंबर 29
حَدَّثَنَا مُوسَى بْنُ إِسْمَاعِيلَ، حَدَّثَنَا جَرِيرٌ، حَدَّثَنَا حُمَيْدُ بْنُ هِلاَلٍ، عَنْ أَبِي الدَّهْمَاءِ، قَالَ سَمِعْتُ عِمْرَانَ بْنَ حُصَيْنٍ، يُحَدِّثُ قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ مَنْ سَمِعَ بِالدَّجَّالِ فَلْيَنْأَ عَنْهُ فَوَاللَّهِ إِنَّ الرَّجُلَ لَيَأْتِيهِ وَهْوَ يَحْسِبُ أَنَّهُ مُؤْمِنٌ فَيَتَّبِعُهُ مِمَّا يُبْعَثُ بِهِ مِنَ الشُّبُهَاتِ أَوْ لِمَا يُبْعَثُ بِهِ مِنَ الشُّبُهَاتِ ‏"‏ ‏.‏ هَكَذَا قَالَ ‏.‏
Narrated Imran ibn Husayn: The Prophet (ﷺ) said: Let him who hears of the Dajjal (Antichrist) go far from him for I swear by Allah that a man will come to him thinking he is a believer and follow him because of confused ideas roused in him by him
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 39 · Battles (Kitab Al-Malahim)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।