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सुनन अबू दाऊद

नंबर 4316

नंबर 4316किताब 39, नंबर 26
حَدَّثَنَا أَبُو الْوَلِيدِ الطَّيَالِسِيُّ، حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ قَتَادَةَ، قَالَ سَمِعْتُ أَنَسَ بْنَ مَالِكٍ، يُحَدِّثُ عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم أَنَّهُ قَالَ ‏ "‏ مَا بُعِثَ نَبِيٌّ إِلاَّ قَدْ أَنْذَرَ أُمَّتَهُ الدَّجَّالَ الأَعْوَرَ الْكَذَّابَ أَلاَ وَإِنَّهُ أَعْوَرُ وَإِنَّ رَبَّكُمْ لَيْسَ بِأَعْوَرَ وَإِنَّ بَيْنَ عَيْنَيْهِ مَكْتُوبًا كَافِرٌ ‏"‏ ‏.‏
Anas b. Malik reported the Prophet (ﷺ) as saying:No prophet was sent who had not warned his people about the one-eyed. Between his eyes will be written “infidel” (kafir)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Sahih Bukhari (7131) Sahih Muslim (2933)Zubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 39 · Battles (Kitab Al-Malahim)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।