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सुनन अबू दाऊद

नंबर 4303

नंबर 4303किताब 39, नंबर 13
حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ، حَدَّثَنَا يَعْقُوبُ، - يَعْنِي الإِسْكَنْدَرَانِيَّ - عَنْ سُهَيْلٍ، - يَعْنِي ابْنَ أَبِي صَالِحٍ - عَنْ أَبِيهِ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ لاَ تَقُومُ السَّاعَةُ حَتَّى يُقَاتِلَ الْمُسْلِمُونَ التُّرْكَ قَوْمًا وُجُوهُهُمْ كَالْمَجَانِّ الْمُطْرَقَةِ يَلْبَسُونَ الشَّعْرَ ‏"‏ ‏.‏
Abu Hurairah reported the Prophet (May peace be upon him) as saying:The last hour will not come before the Muslims fight with the Turks, a people whose faces look as if they were shields covered with skin, and who will wear sandals of hair
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih Muslim (2912)Zubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 39 · Battles (Kitab Al-Malahim)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।