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सुनन अबू दाऊद

नंबर 4281

नंबर 4281किताब 38, नंबर 3
حَدَّثَنَا ابْنُ نُفَيْلٍ، حَدَّثَنَا زُهَيْرٌ، حَدَّثَنَا زِيَادُ بْنُ خَيْثَمَةَ، حَدَّثَنَا الأَسْوَدُ بْنُ سَعِيدٍ الْهَمْدَانِيُّ، عَنْ جَابِرِ بْنِ سَمُرَةَ، بِهَذَا الْحَدِيثِ زَادَ فَلَمَّا رَجَعَ إِلَى مَنْزِلِهِ أَتَتْهُ قُرَيْشٌ فَقَالُوا ثُمَّ يَكُونُ مَاذَا قَالَ ‏ "‏ ثُمَّ يَكُونُ الْهَرْجُ ‏"‏ ‏.‏
The tradition mentioned above has also been transmitted by Jabir b. Samurah through a different chain of narrators. This version adds:When he came back to his home. the Quraish came to him and said: Then what will happen ? He said: Then turmoil will prevail
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 38 · The Promised Deliverer (Kitab Al-Mahdi)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।