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सुनन अबू दाऊद

नंबर 4274

नंबर 4274किताब 37, नंबर 35
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، حَدَّثَنَا حَجَّاجٌ، عَنِ ابْنِ جُرَيْجٍ، حَدَّثَنِي يَعْلَى، عَنْ سَعِيدِ بْنِ جُبَيْرٍ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، فِي هَذِهِ الْقِصَّةِ فِي ‏{‏ الَّذِينَ لاَ يَدْعُونَ مَعَ اللَّهِ إِلَهًا آخَرَ ‏}‏ أَهْلُ الشِّرْكِ قَالَ وَنَزَلَ ‏{‏ يَا عِبَادِيَ الَّذِينَ أَسْرَفُوا عَلَى أَنْفُسِهِمْ ‏}‏ ‏.‏
The tradition mentioned above has also been transmitted by Sa'id b. Jubair from Ibn 'Abbas through a different chain of narrators. Ibn 'Abbas said:The verse: "Those who invoke not with Allah" applied to polytheists. He said: About them another verse, "Say: O my servants who have transgressed against their souls" was also revealed
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Sahih Bukhari (4810) Sahih Muslim (122)Zubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 37 · Trials and Fierce Battles (Kitab Al-Fitan Wa Al-Malahim)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।