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सुनन अबू दाऊद

नंबर 4234

नंबर 4234किताब 36, नंबर 21
حَدَّثَنَا مُؤَمَّلُ بْنُ هِشَامٍ، حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ، عَنْ أَبِي الأَشْهَبِ، عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ طَرَفَةَ بْنِ عَرْفَجَةَ بْنِ أَسْعَدَ، عَنْ أَبِيهِ، أَنَّ عَرْفَجَةَ، بِمَعْنَاهُ ‏.‏
The tradition mentioned above has also been transmitted by 'Arfajah through a different chain of narrators to the same effect
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 36 · Signet-Rings (Kitab Al-Khatam)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।