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सुनन अबू दाऊद

नंबर 4230

नंबर 4230किताब 36, नंबर 17
حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ سَهْلٍ، وَإِبْرَاهِيمُ بْنُ الْحَسَنِ، قَالاَ حَدَّثَنَا حَجَّاجٌ، عَنِ ابْنِ جُرَيْجٍ، أَخْبَرَنِي عُمَرُ بْنُ حَفْصٍ، أَنَّ عَامِرَ بْنَ عَبْدِ اللَّهِ، - قَالَ عَلِيُّ بْنُ سَهْلٍ ابْنِ الزُّبَيْرِ - أَخْبَرَهُ أَنَّ مَوْلاَةً لَهُمْ ذَهَبَتْ بِابْنَةِ الزُّبَيْرِ إِلَى عُمَرَ بْنِ الْخَطَّابِ وَفِي رِجْلِهَا أَجْرَاسٌ فَقَطَعَهَا عُمَرُ ثُمَّ قَالَ سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَقُولُ ‏ "‏ إِنَّ مَعَ كُلِّ جَرَسٍ شَيْطَانًا ‏"‏ ‏.‏
Ibn az-Zubayr told that a woman client of theirs took az-Zubayr's daughter to Umar ibn al-Khattab wearing bells on her legs. Umar cut them off and said that he had heard the Messenger of Allah (ﷺ) say:There is a devil along with each bell
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 36 · Signet-Rings (Kitab Al-Khatam)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।