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सुनन अबू दाऊद

नंबर 4227

नंबर 4227किताब 36, नंबर 14
حَدَّثَنَا نَصْرُ بْنُ عَلِيٍّ، حَدَّثَنِي أَبِي، حَدَّثَنَا عَبْدُ الْعَزِيزِ بْنُ أَبِي رَوَّادٍ، عَنْ نَافِعٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم كَانَ يَتَخَتَّمُ فِي يَسَارِهِ وَكَانَ فَصُّهُ فِي بَاطِنِ كَفِّهِ ‏.‏ قَالَ أَبُو دَاوُدَ قَالَ ابْنُ إِسْحَاقَ وَأُسَامَةَ - يَعْنِي ابْنَ زَيْدٍ - عَنْ نَافِعٍ بِإِسْنَادِهِ فِي يَمِينِهِ ‏.‏
Narrated Abdullah ibn Umar: The Prophet (ﷺ) used to wear the signet-ring on his left hand, and put its stone next the palm of his hand. Abu Dawud said: Ibn Ishaq and Usamah b. Zaid transmitted from Nafi': "On his right hand
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • ShadhAl-Albani
  • ShadhMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 36 · Signet-Rings (Kitab Al-Khatam)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।