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सुनन अबू दाऊद

नंबर 4219

नंबर 4219किताब 36, नंबर 6
حَدَّثَنَا عُثْمَانُ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ بْنُ عُيَيْنَةَ، عَنْ أَيُّوبَ بْنِ مُوسَى، عَنْ نَافِعٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، فِي هَذَا الْخَبَرِ عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم فَنَقَشَ فِيهِ ‏"‏ مُحَمَّدٌ رَسُولُ اللَّهِ ‏"‏ ‏.‏ وَقَالَ ‏"‏ لاَ يَنْقُشْ أَحَدٌ عَلَى نَقْشِ خَاتَمِي هَذَا ‏"‏ ‏.‏ ثُمَّ سَاقَ الْحَدِيثَ ‏.‏
The tradition mentioned above has also been transmitted by Ibn 'Umar through a different chain of narrators from the Prophet (ﷺ). This version adds:He engraved on it "Muhammad, the Messenger of Allah." and said: "No one must engrave anything in the manner of this signet-ring of mine. He then transmitted the rest of the tradition
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih Muslim (2091)Zubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 36 · Signet-Rings (Kitab Al-Khatam)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।