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सुनन अबू दाऊद

नंबर 4201

नंबर 4201किताब 35, नंबर 43
حَدَّثَنَا ابْنُ نُفَيْلٍ، حَدَّثَنَا زُهَيْرٌ، قَرَأْتُ عَلَى عَبْدِ الْمَلِكِ بْنِ أَبِي سُلَيْمَانَ وَقَرَأَهُ عَبْدُ الْمَلِكِ عَلَى أَبِي الزُّبَيْرِ وَرَوَاهُ أَبُو الزُّبَيْرِ عَنْ جَابِرٍ، قَالَ كُنَّا نُعْفِي السِّبَالَ إِلاَّ فِي حَجٍّ أَوْ عُمْرَةٍ ‏.‏ قَالَ أَبُو دَاوُدَ الاِسْتِحْدَادُ حَلْقُ الْعَانَةِ ‏.‏
Narrated Jabir: We used to grow beard long except during the Hajj or 'Umrah. Abu Dawud said: Istihdad means to shave the pubes
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Daif IsnaadAl-Albani
  • Daif IsnaadMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 35 · Combing the Hair (Kitab Al-Tarajjul)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।