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सुनन अबू दाऊद

नंबर 4165

नंबर 4165किताब 35, नंबर 7
حَدَّثَنَا مُسْلِمُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، حَدَّثَتْنِي غِبْطَةُ بِنْتُ عَمْرٍو الْمُجَاشِعِيَّةُ، قَالَتْ حَدَّثَتْنِي عَمَّتِي أُمُّ الْحَسَنِ، عَنْ جَدَّتِهَا، عَنْ عَائِشَةَ، رضى الله عنها أَنَّ هِنْدًا بِنْتَ عُتْبَةَ، قَالَتْ يَا نَبِيَّ اللَّهِ بَايِعْنِي ‏.‏ قَالَ ‏ "‏ لاَ أُبَايِعُكِ حَتَّى تُغَيِّرِي كَفَّيْكِ كَأَنَّهُمَا كَفَّا سَبُعٍ ‏"‏ ‏.‏
Narrated Aisha, Ummul Mu'minin: When Hind, daughter of Utbah, said: Prophet of Allah, accept my allegiance, he replied; I shall not accept your allegiance till you make a difference to the palms of your hands; for they look like the paws of a beast of prey
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 35 · Combing the Hair (Kitab Al-Tarajjul)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।