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सुनन अबू दाऊद

नंबर 4127

नंबर 4127किताब 34, नंबर 108
حَدَّثَنَا حَفْصُ بْنُ عُمَرَ، حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنِ الْحَكَمِ، عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ أَبِي لَيْلَى، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُكَيْمٍ، قَالَ قُرِئَ عَلَيْنَا كِتَابُ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم بِأَرْضِ جُهَيْنَةَ وَأَنَا غُلاَمٌ شَابٌّ ‏ "‏ أَنْ لاَ تَسْتَمْتِعُوا مِنَ الْمَيْتَةِ بِإِهَابٍ وَلاَ عَصَبٍ ‏"‏ ‏.‏
Narrated Abdullah ibn Ukaym: The letter of the Messenger of Allah (ﷺ) was read out to us in the territory of Juhaynah when I was a young boy: Do not make use of the skin or sinew of an animal which died a natural death
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 34 · Clothing (Kitab Al-Libas)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।