सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन अबू दाऊद

नंबर 4118

नंबर 4118किताब 34, नंबर 99
حَدَّثَنَا إِبْرَاهِيمُ بْنُ مُوسَى، أَخْبَرَنَا عِيسَى، عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ، عَنْ نَافِعٍ، عَنْ سُلَيْمَانَ بْنِ يَسَارٍ، عَنْ أُمِّ سَلَمَةَ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم بِهَذَا الْحَدِيثِ ‏.‏ قَالَ أَبُو دَاوُدَ رَوَاهُ ابْنُ إِسْحَاقَ وَأَيُّوبُ بْنُ مُوسَى عَنْ نَافِعٍ عَنْ صَفِيَّةَ ‏.‏
The tradition mentioned above has also been transmitted by Umm Salamah from the Prophet (ﷺ) through a different chain of narrators. Abu Dawud said:Ibn Ishaq and Ayyub b. Musa transmitted it from Nafi' from Safiyyah
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 34 · Clothing (Kitab Al-Libas)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।