حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ كَثِيرٍ، أَخْبَرَنَا هَمَّامٌ، عَنْ قَتَادَةَ، عَنْ مُطَرِّفٍ، عَنْ عَائِشَةَ، - رضى الله عنها - قَالَتْ صَنَعْتُ لِرَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم بُرْدَةً سَوْدَاءَ فَلَبِسَهَا فَلَمَّا عَرَقَ فِيهَا وَجَدَ رِيحَ الصُّوفِ فَقَذَفَهَا . قَالَ وَأَحْسِبُهُ قَالَ وَكَانَ تُعْجِبُهُ الرِّيحُ الطَّيِّبَةُ .
Narrated Aisha, Ummul Mu'minin: I made a black cloak for the Prophet (ﷺ) and he put it on; but when he sweated in it and noticed the odour of the wool, he threw it away. The narrator said: I think he said: He liked good smell
स्रोत में दर्ज दर्जे
SahihAl-Albani
SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
SahihShuaib Al Arnaut
DaifZubair Ali Zai
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।