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सुनन अबू दाऊद

नंबर 4013

नंबर 4013किताब 33, नंबर 5
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ أَحْمَدَ بْنِ أَبِي خَلَفٍ، حَدَّثَنَا الأَسْوَدُ بْنُ عَامِرٍ، حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ عَيَّاشٍ، عَنْ عَبْدِ الْمَلِكِ بْنِ أَبِي سُلَيْمَانَ، عَنْ عَطَاءٍ، عَنْ صَفْوَانَ بْنِ يَعْلَى، عَنْ أَبِيهِ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم بِهَذَا الْحَدِيثِ ‏.‏ قَالَ أَبُو دَاوُدَ الأَوَّلُ أَتَمُّ ‏.‏
The tradition mentioned above has also been transmitted by Ya'la from the Prophet (ﷺ) through a different chain of narrators. Abu Dawud said:The former is more perfect
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Hasan SahihAl-Albani
  • Hasan SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • HasanShuaib Al Arnaut
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 33 · Hot Baths (Kitab Al-Hammam)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।