सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन अबू दाऊद

नंबर 3992

नंबर 3992किताब 32, नंबर 24
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ حَنْبَلٍ، وَأَحْمَدُ بْنُ عَبْدَةَ، قَالاَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنْ عَمْرٍو، عَنْ عَطَاءٍ، - قَالَ ابْنُ حَنْبَلٍ لَمْ أَفْهَمْهُ جَيِّدًا - عَنْ صَفْوَانَ، - قَالَ ابْنُ عَبْدَةَ ابْنِ يَعْلَى - عَنْ أَبِيهِ، قَالَ سَمِعْتُ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم عَلَى الْمِنْبَرِ يَقْرَأُ ‏{‏ وَنَادَوْا يَا مَالِكُ ‏}‏ ‏.‏ قَالَ أَبُو دَاوُدَ يَعْنِي بِلاَ تَرْخِيمٍ ‏.‏
Safwan b. Ya'la quoting his father said:I heard the Prophet (ﷺ) read on the pulpit the verse: "They will cry: O Malik." Abu Dawud said: That is, without shortening the name (Malik)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Sahih Bukhari (4819) Sahih Muslim (871)Zubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 32 · Dialects and Readings of the Qur'an (Kitab Al-Huruf Wa Al-Qira'at)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।