सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन अबू दाऊद

नंबर 3969

नंबर 3969किताब 32, नंबर 1
حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مُحَمَّدٍ النُّفَيْلِيُّ، حَدَّثَنَا حَاتِمُ بْنُ إِسْمَاعِيلَ، ح وَحَدَّثَنَا نَصْرُ بْنُ عَاصِمٍ، حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ سَعِيدٍ، عَنْ جَعْفَرِ بْنِ مُحَمَّدٍ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ جَابِرٍ، رضى الله عنه أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم قَرَأَ ‏{‏ وَاتَّخِذُوا مِنْ مَقَامِ إِبْرَاهِيمَ مُصَلًّى ‏}‏
Narrated Jabir ibn Abdullah: The Prophet (ﷺ) read the Qur'anic verse, "And take ye the Station of Abraham as a place of prayer
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 32 · Dialects and Readings of the Qur'an (Kitab Al-Huruf Wa Al-Qira'at)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।