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सुनन अबू दाऊद

नंबर 3954

नंबर 3954किताब 31, नंबर 29
حَدَّثَنَا مُوسَى بْنُ إِسْمَاعِيلَ، حَدَّثَنَا حَمَّادٌ، عَنْ قَيْسٍ، عَنْ عَطَاءٍ، عَنْ جَابِرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ، قَالَ بِعْنَا أُمَّهَاتِ الأَوْلاَدِ عَلَى عَهْدِ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم وَأَبِي بَكْرٍ فَلَمَّا كَانَ عُمَرُ نَهَانَا فَانْتَهَيْنَا ‏.‏
Narrated Jabir ibn Abdullah: We sold slave-mothers during the time of the Messenger of Allah (ﷺ) and of AbuBakr. When Umar was in power, he forbade us and we stopped
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 31 · The Book of Manumission of Slaves

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।