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सुनन अबू दाऊद

नंबर 3950

नंबर 3950किताब 31, नंबर 25
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ سُلَيْمَانَ الأَنْبَارِيُّ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الْوَهَّابِ، عَنْ سَعِيدٍ، عَنْ قَتَادَةَ، أَنَّ عُمَرَ بْنَ الْخَطَّابِ، - رضى الله عنه - قَالَ مَنْ مَلَكَ ذَا رَحِمٍ مَحْرَمٍ فَهُوَ حُرٌّ ‏.‏
Narrated Umar ibn al-Khattab: Qatadah reported Umar ibn al-Khattab (may Allah be pleased with him) as saying: If anyone gets possession of a relative who is within the prohibited degrees, that person becomes free
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Daif MuqufAl-Albani
  • Daif MuqufMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 31 · The Book of Manumission of Slaves

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।