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सुनन अबू दाऊद

नंबर 3910

नंबर 3910किताब 30, नंबर 7
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ كَثِيرٍ، أَخْبَرَنَا سُفْيَانُ، عَنْ سَلَمَةَ بْنِ كُهَيْلٍ، عَنْ عِيسَى بْنِ عَاَصِمٍ، عَنْ زِرِّ بْنِ حُبَيْشٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ مَسْعُودٍ، عَنْ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏"‏ الطِّيَرَةُ شِرْكٌ الطِّيَرَةُ شِرْكٌ ‏"‏ ‏.‏ ثَلاَثًا ‏"‏ وَمَا مِنَّا إِلاَّ وَلَكِنَّ اللَّهَ يُذْهِبُهُ بِالتَّوَكُّلِ ‏"‏ ‏.‏
Narrated Abdullah ibn Mas'ud: The Prophet (ﷺ) said: Taking omens is polytheism; taking omens is polytheism. He said it three times. Every one of us has some, but Allah removes it by trust (in Him)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 30 · Divination and Omens (Kitab Al-Kahanah Wa Al-Tatayyur)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।