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सुनन अबू दाऊद

नंबर 3907

नंबर 3907किताब 30, नंबर 4
حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ، حَدَّثَنَا يَحْيَى، حَدَّثَنَا عَوْفٌ، حَدَّثَنَا حَيَّانُ، - قَالَ غَيْرُ مُسَدَّدٍ حَيَّانُ بْنُ الْعَلاَءِ - حَدَّثَنَا قَطَنُ بْنُ قَبِيصَةَ، عَنْ أَبِيهِ، قَالَ سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَقُولُ ‏ "‏ الْعِيَافَةُ وَالطِّيَرَةُ وَالطَّرْقُ مِنَ الْجِبْتِ ‏"‏ ‏.‏ الطَّرْقُ الزَّجْرُ وَالْعِيَافَةُ الْخَطُّ ‏.‏
Narrated Qabisah: I heard the Messenger of Allah (ﷺ) say: Augury from the flight of birds, taking evil omens and the practice of pressomancy pertain to divination. Tarq: It is used in the sense of divination in which women threw stones. 'Iyafah: It means geomancy by drawing lines
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 30 · Divination and Omens (Kitab Al-Kahanah Wa Al-Tatayyur)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।