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सुनन अबू दाऊद

नंबर 1186

नंबर 1186किताब 3, नंबर 26
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، حَدَّثَنَا رَيْحَانُ بْنُ سَعِيدٍ، حَدَّثَنَا عَبَّادُ بْنُ مَنْصُورٍ، عَنْ أَيُّوبَ، عَنْ أَبِي قِلاَبَةَ، عَنْ هِلاَلِ بْنِ عَامِرٍ، أَنَّ قَبِيصَةَ الْهِلاَلِيَّ، حَدَّثَهُ أَنَّ الشَّمْسَ كُسِفَتْ بِمَعْنَى حَدِيثِ مُوسَى قَالَ حَتَّى بَدَتِ النُّجُومُ ‏.‏
Narrated Qabisah al Hilali:The solar eclipse took place... The narrator then narrated the tradition like that of Musa. The narrator again said: Until the stars appear (in the heaven)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 3 · The Book Of The Prayer For Rain (Kitab al-Istisqa')

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।