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सुनन अबू दाऊद

नंबर 3895

नंबर 3895किताब 29, नंबर 41
حَدَّثَنَا زُهَيْرُ بْنُ حَرْبٍ، وَعُثْمَانُ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، قَالاَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ بْنُ عُيَيْنَةَ، عَنْ عَبْدِ رَبِّهِ، - يَعْنِي ابْنَ سَعِيدٍ - عَنْ عَمْرَةَ، عَنْ عَائِشَةَ، قَالَتْ كَانَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم يَقُولُ لِلإِنْسَانِ إِذَا اشْتَكَى يَقُولُ بِرِيقِهِ ثُمَّ قَالَ بِهِ فِي التُّرَابِ ‏ "‏ تُرْبَةُ أَرْضِنَا بِرِيقَةِ بَعْضِنَا يُشْفَى سَقِيمُنَا بِإِذْنِ رَبِّنَا ‏"‏ ‏.‏
‘A’ishah said :When a man complained of pain the Prophet (ﷺ) said to him pointing to his saliva and mixing it with dust :(This is) the dust of our earth, mixed with saliva of us, so that our sick is remedied with the permission of our lord
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Sahih Bukhari (5745) Sahih Muslim (2194)Zubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 29 · Medicine (Kitab Al-Tibb)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।